राजयोग की अनुभूति करें

अनुभव करें कि आप सक्षम, सशक्त, सफल और खुश हैं।

संकलप करें कि आप अपने हर विचार एवं प्रतिक्रिया के प्रति जागरूक हैं और उस पर आप का पूर्ण अधिकार है | एक ही क्षण में आप या तो उस संकल्प पर अमल करने का विचार करेंगे या उस को त्याग देंगे | अपनी उन कमज़ोरिओं को मन में लायें जिन्हें आप छोड़ना चाहते हैं, जैसे, आत्म संदेह, स्वयं को क्षति पहुंचाना, आत्मसम्मान की कमी, अपराध बोध, चिन्ता आदि। आपकी इच्छा शक्ति के प्रभाव से न ही आप उन बातों को कभी स्वयं व्यक्त करेंगे और न ही आपके गृहस्त जीवन या कार्यस्थल पर उनका दुष्प्रभाव पड़ेगा । सम्भवतः, कुछ लोगों को इतना 'स्व-नियंत्रित' रहना अच्छा न भी लगे लेकिन आत्मा का ज्ञान पा लेने से आप स्वयं को स्वत्तः संयमित कर सकेंगे | लेकिन केवल स्वयं को | दूसरों का अपना जीवन है | 

आप केवल स्वयं के ज़िम्मेवार हैं। हमारे मात-पिता ने जो किया सो किया, कभी अच्छा तो कभी बुरा परन्तु वह समय अब बीत गया है और अब आप एक स्वतंत्र आत्मा हैं जो अपनी जिन्दगी अपने हिसाब से जीने का चयन कर सकते हैं । राजयोग से आप पुरानी बातों के प्रभाव से स्वयं को मुक्त कर जो बनना चाहें, बन सकते हैं। यही राजयोग की शक्ति है।

यह प्राचीन राजयोग अभ्यास आपकी प्राकृतिक शक्तियों को सुसज्जित कर आपके मन को आपका दोस्त बना देता है । आप मन नहीं है, आप शरीर नहीं है। बल्कि आपका एक मन है और आपका एक शरीर है। यही आपके मन और शरीर  कभी तो अच्छी तरह  काम करते हैं लकिन कभी इन्हें स्वस्थ रखने के लिए शान्ति और व्यायाम की ज़रूरत पड़ती है । 

सब गलतियाँ करते हैं। संसाधनों को भी व्यर्थ गंवाते हैं। तब तक अपने बोल,शक्ति और समय व्यर्थ गवाँते हैं जब तक थोड़ा रूक कर यह गहन चिंतन नहीं करते कि जीवन में क्या महत्वपूर्ण है |जब कोई अपने संकीर्ण विचारों को बदलने को तैयार नहीं होता, तब तब तक उसकी सोच सीमित रह जाती है -  प्रेम की शक्ति का दमन हो जाता है। इस स्थिति में, आत्मा में शक्ति नहीं रह पाती कि वह परिस्थितियों का सामना कर पाये और इस से सब को नुकसान पहुँचता है | जब आप एकांत में बैठ, अपने सभी तरह के नज़रिये को निष्प्रभाव कर, आत्मा की गहन शांति का अनुभव  करते हैं, तब आपके जीवन में कई चमत्कारी परिवर्तन आ सकते हैं  | लोग आपको बेहतर समझने लगेंगे, कई  नये अवसर मिलेंगे, दोस्तों का प्यार बढ़ जाएगा और आपका तनाव कम हो जाएगा।

 राजयोग हमें सिखाता है कि कुछ क्षणों के लिए अपने आप को स्थिर कर, अपने जीवन की गतिविधियों  का निरीक्षण करें| शांत रह, ठंडे दिमाग से, दूसरो के प्रभाव में आए बिना, सस्वैच्छा अनुसार कदम बढ़ायें |राजयोग आपको स्वतंत्र बनाता है। राजयोग द्वारा प्रेम से बर्ताव करने की शक्ति बढ़ती है |